क्या Hindi Blogging में Future है ?

ये सवाल मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि क्या हिन्दी ब्लॉगिंग में भविष्य है? जितने भी नए हिन्दी ब्लॉगर हैं उनके मन में कहीं ना कहीं ये दुविधा जरूर रहती है कि क्या मुझे इसमें कामयाबी मिलेगी ? कहीं ऐसा ना हो कि हिन्दी ब्लॉगिंग खत्म हो जाये |

तो चलिये यहाँ मैंने आपके ढेर सारे आंकड़े जुटाए हैं पोस्ट के अंत तक आपको साफ साफ पता चल जाएगा कि हिन्दी में भविष्य है या नहीं !

आंकड़े

सबसे पहले नीचे दी गयी इमेज में देखिये यहाँ पर ढेर सारे आंकड़े, ढेर सारी जगह से जुटाए गए हैं और आप देख सकते हैं कि –

  • पूरी दुनिया में हिन्दी बोलने वालों की संख्या 64 करोड़ है !
  • भारत में हिन्दी बोलने वालों की संख्या लगभग 62 करोड़ है !
  • भारत में इंटरनेट के उपयोगकर्ता 68 करोड़ हैं !
  • इंटरनेट पर देशी भाषाओं का उपयोग करने वाले लोग 50 करोड़ हैं !
  • इनमें से 10 करोड़ मराठी, बंगाली, तमिल और तेलगू के हैं बाकी हिन्दी के हैं यानि 40 करोड़ !
  • अब 40 करोड़ में से 24 करोड़ ऐसे उपयोगकर्ता हैं जो 16-40 साल के हैं इनमें से 22 करोड़ लोग पढे लिखे हैं यानि ब्लॉग पढ़ सकते हैं !
  • यदि इन 22 करोड़ लोगों को जनसख्या के हिसाब से लगा दिया जाए तो ये छ्ठे नंबर का सबसे बड़ा देश बन जाएगा, यानि ये जनसंख्या बहुत बड़ी है !
  • यदि हम हिन्दी बोलने वालों की संख्या को देखें तो ये दुनिया में तीसरे नंबर पर आते हैं !
  • यहाँ जनगणना 2011 के हिन्दी भाषा से संबधित आंकड़े दिखाई दे रहे हैं !
  • इतनी बड़ी जनसंख्या होने के बावजूद इंटरनेट पर कंटेन्ट के मामले में हम 34 नंबर पर आते हैं और सिर्फ .1% ही कंटेन्ट हिन्दी में है !

इतनी बड़ी संख्या में पढ़ने वाले लोग होते हुए भी आखिर ऐसी क्या बात है जो हिन्दी में कंटेन्ट बनाने से पहले हमें ये सवाल पूछना पड़ता है कि सफल होंगे कि नहीं ?

तीन चीज़ें जो आपको रोक रही हैं

पहली – हीन भावना

आपके मन में ये हीन भावना आने लगती है कि यार हिन्दी में तो कोई लिखता ही नहीं, पता नहीं मैं हिन्दी में लिखुंगा तो कोई पढ़ेगा भी या नहीं, इंटरनेट पर तो लोग अँग्रेजी में ही पढ़ते हैं, जबकि इसको लेकर गूगल की रिपोर्ट कुछ अलग ही कहती है !

Thinkwithgoogle पर प्रकाशित Year in Search, के अनुसार भारत में प्रत्येक 10 में से 9 लोग सर्च करने के लिए अपनी भाषा का प्रयोग करते हैं !

और फिर जबसे वॉइस सर्च आया है खास तौर पर बच्चे और बुजुर्ग लोग वॉइस सर्च का उपयोग ही पसंद करते हैं | और वॉइस सर्च करने का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है साल दर साल !

अब जब इतना कुछ है तो फिर ये सवाल क्यूँ और क्यूँ हिन्दी और अन्य भाषाओं में कंटेन्ट की कमी है ! तो बड़ा कारण अब ये है !

दूसरा – भाषायी साम्राज्यवाद

हो सकता है आपने पहले इसके बारे में ना सुना हो, पर ये सच है भाषायी साम्राज्यवाद में किसी एक भाषा को उच्च और दूसरी भाषाओं को नीचा दिखाया जाता है, जैसे हमारे देश में अँग्रेजी के साथ हुआ, जब अंग्रेज़ थे तब वो अपने को सर्वोपरि दिखते थे और उनके बाद ऐसा माहौल बन गया कि जिसे अँग्रेजी आती है वो होशियार और जिसे चाहे सब कुछ आता हो पर अँग्रेजी नहीं तो “अँग्रेजी ही नहीं आती तो क्या आता है पता नहीं कैसा पढ़ा लिखा है”

चाहे सर्वोच्च परीक्षा पास कर लो देश की पर अगर अँग्रेजी नहीं आती तो लोग बोलेंगे, परीक्षा कैसे पास कर ली, अँग्रेजी तो आती नहीं, उसे नीचा दिखाया जाता है ! एक भाषा को खुद में योग्यता का दर्जा दे दिया जाता है !

तो ये भावना बचपन से ही मन में घर कर जाती है कि अँग्रेजी नहीं तो कुछ नहीं, आपने शायद महसूस किया हो हिन्दी माध्यम और अँग्रेजी माध्यम विद्यालय के बच्चों के बीच अक्सर ही एक हल्की सी लकीर रहती है, हिन्दी माध्यम वाले अपने को हीन समझने लगते हैं !

और भी ढेर सारे भ्रम ये भाषायी साम्राज्यवाद पैदा करता है, आप विकिपीडिया पर जाकर पढ़ सकते हैं और भी विस्तार से !

तीसरा कम इन्कम

इस क्षेत्र में आने से पहले ही सब लोग जानना चाहते हैं कि कमाई कितनी होगी, और जब पता चलता है कि CPC तो कम है हिन्दी में, ये तो अँग्रेजी में ज़्यादा है तो वो अगर अँग्रेजी आती है तो अँग्रेजी में जुट जाते हैं अगर नहीं भी आती है तो भी प्रयास करते हैं क्यूंकी उन्हें ऐसा बताया जाता है कि बस ब्लॉग बनाकर यहाँ वहाँ से कॉपी करके इन्कम शुरू हो जाएगी

अब आप खुद सोचो कि जिस भाषा में इंटरनेट का 57% कंटेन्ट हो उनमें ज़्यादा Competition होगा या फिर जिसमें 0.1 % है उसमें ? ज़ाहिर सी बात है जिसमें 0.1 है उसमें !

चलिये कारण भी जान लें कि अँग्रेजी में कमाई ज़्यादा क्यूँ है ?

  1. पहला तो यदि आपका ब्लॉग किसी ऐसे बाहर के देश में देखा जाता है जहां के पैसे की वैल्यू रुपए से ज़्यादा है तो आपको CPC ज़्यादा लगेगा जबकि उस देश के मुताबिक वो सामान्य है, जैसे अगर अमेरिका में अगर CPC $1 होता है तो वहाँ के लिए कोई बड़ी बात नहीं पर अगर हमें एक क्लिक पर 1 डॉलर मिल जाए तो हमारे लिए वो बड़ी बात है !
  2. अँग्रेजी कंटेन्ट अधिक होने की वजह से Advertisers उसी को Target करते हैं जिसकी वजह से Ad Auction में जिसका भी CPC bid ज़्यादा होता है उसका ही Ad Display होता है,
  3. इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है कि हिन्दी में इन्कम नहीं होती, होती है और अगर ट्रैफिक बहुत अच्छा है तो बहुत अच्छी इन्कम होती है |
  4. हिन्दी ब्लॉगिंग अभी भारत में बहुत Popular नहीं है, लेकिन ऊपर जो मैंने तथ्य दिये हैं उनसे आप देख सकते हैं कि बहुत जल्दी है हिन्दी ब्लॉगिंग भारत में अपना मुकाम बनाएगी |

अगर आपको अब भी लगता है कि हिन्दी का भविष्य नहीं है तो अभी ये भी देखिये

भारत में हिन्दी ने किस किस को नंबर एक बनाया है वो देखिये

  • हिन्दी फिल्म Industry – सबसे बड़ी फिल्म Industry, जिस हिन्दी में हमें लगता है कि भविष्य नहीं हैं उसी को सीखकर लोग यहाँ से करोड़ों कमाते हैं उदाहरण के लिए, आप कैटरीना कैफ और जैकलिन को देख सकते हैं !
  • हिन्दी अखबार – दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण सबसे ज़्यादा बिकने वाले अखबार
  • हिन्दी न्यूज़ चैनल – आज तक, इंडिया टीवी , स्टार न्यूज़ , सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले चैनल
  • हिन्दी YouTube Channel – T-Series 143Million Subscribers (दुनिया का सबसे बड़ा चैनल हिन्दी में ही है) इसके अलावा दुनिया के टॉप 10 में 3 हिन्दी चैनल हैं और टॉप 50 में 9 हिन्दी चैनल है !

आखिर में

हिन्दी हमारी भाषा है हमें उस पर गर्व होना चाहिए, और इतनी बड़ी संख्या में पढे लिखे लोग होने के बावजूद आप ये सोचना छोड़ दीजिये कि इसमे भविष्य नहीं है, क्यूंकी अगर इसमें भविष्य नहीं होता तो इसे Adsense ने 2014 में इसका महत्व समझकर इसे Approval ना दिया होता, ना ही हिन्दी सर्च आया होता, ना ही गूगल असिस्टेंट हिन्दी बोलता, ना ही Amazon Alexa हिन्दी बोलती, ना ही हिन्दी जनता के बारे में Forbes में लेख प्रकाशित हो रहे होते !

तो हो सकता है आपको थोड़ी मेहनत ज़्यादा करनी पड़े, पर ऐसा भी नहीं है कि अँग्रेजी में बिना मेहनत के कुछ मिल जाएगा, तो दोनों तरह मेहनत है और पैसा भी है ! और आगे हिन्दी में

और याद रखिए कि आप किसी भी एक काम को करें बस उसे बेस्ट करें तो कामयाबी को आपके पास खुद चलकर आना होगा, हो सकता है थोड़ा समय लगे, पर जब लोग आपसे जुडने लगेंगे तो आपको कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता !

इन्कम बढ़ेगी ही और Advertisers को हिन्दी Publishers को टारगेट करना ही पड़ेगा, इसलिए आप घबराइए मत बस आप मेहनत कीजिये अच्छे से अच्छा लिखिए ! और मदद के लिए मैं हमेशा हूँ ही कभी भी याद कर लीजिये !

उम्मीद है आपको हिन्दी में भविष्य नज़र आने लगा होगा फिर भी अगर और कोई भी सवाल हो तो पूछ लीजिएगा !

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